हार्ट अटैक से बचने के लिए योग – Yoga For Heart Attack in Hindi

Yoga For Heart Attack in Hindi

हार्ट अटैक से बचने के लिए योग का विशेष महत्‍व होता है। हार्ट के लिए प्राणायाम या हृदय के लिए योग न केवल हार्ट पेशेंट बल्कि सामान्‍य स्‍वास्‍थ्‍य वाले व्‍यक्ति के लिए भी आवश्‍यक हैं। यदि आप हृदय रोग से मुक्ति चाहते हैं तो हृदय रोग के लिए योग को अपना सकते हैं। क्‍योंकि आसन, प्राणायाम का हृदय रोगों पर प्रभाव बहुत ही अच्‍छा होता है। दिल मजबूत बनाने के लिए योग आपको दिल संबंधी सभी समस्‍याओं से बचा सकते हैं। हार्ट के लिए व्‍यायाम को आप अपने दैनिक दिनचर्या में शामिल करें। आज इस आर्टिकल में आपके लिए हार्ट अटैक से बचने के लिए योग संबंधी जानकारी उपलब्‍ध है। ये योग दिल के मरीजों के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। आइए इन्‍हें जानें।

आसन, प्राणायाम या योग का हृदय रोगों पर प्रभाव – Effects of Yoga on Heart Diseases in Hindi
हार्ट अटैक के लिए योग – heart ke liye yoga
हार्ट अटैक से बचने के लिए योग तडासना – heart attack se bachne ke liye yoga Tadasana
हार्ट अटैक के लिए योग वृक्षासन – Vrikshasana yoga for heart Patients in Hindi
हृदय के लिए योग वीर भद्रासन – heart attack yoga
दिल मजबूत बनाने के लिए योग उत्‍कटासना – best yoga for heart blockage Utkatasana in Hindi
हृदय के लिए योग भुजंगासन – yoga for heart blockage in Hindi
हार्ट के लिए प्राणयाम गहरी सांस लेना – pranayam for heart in Hindi
हृदय रोग के लिए प्राणायाम अनुलोम-विलोम – heart attack ke liye pranayama
सुखासन योग फॉर हार्ट पेशेंट्स इन हिंदी – yoga for heart patients in Hindi
बाबा रामदेव योग फॉर हार्ट प्रॉब्‍लम – heart problem yoga Mountain Pose in Hindi
हृदय रोगी के लिए योग उत्‍तनासना योग – hirday rogi ke liye yoga
हृदय रोग से मुक्ति का योग पादंगुष्ठासन – Hirday rog se mukti ka yoga padangusthasana in Hindi
हृदय रोगी के लिए योग अधोमुख शवासन – hirday rogi ke liye yoga Adho Mukha Svanasana
हृदय को सही करने का योग जानुशीर्षासन – hirday ko sahi karne ka yoga Janu Sirsansana in Hindi
दिल के लिए योग सेतु बंधासन – Dil ke liye yoga setu bandhasana in Hindi

आसन, प्राणायाम या योग का हृदय रोगों पर प्रभाव – Effects of Yoga on Heart Diseases in Hindi

नियमित योग का प्रभाव लोगों के शारीरिक और मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने सहायक होता है। हम में से अधिकांश लोग स्‍वस्‍थ्य रहने के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार करने की सलाह देते हैं। लेकिन इसके अलावा योग भी शरीर को स्‍वस्‍थ रखने का प्रभावी तरीका हो सकता है। योग लोगों को अपने शरीर और मन में को समझने और उन्‍हें नियंत्रित रखने में सहायक होते हैं। नियमित रूप से योग और स्‍वस्‍थ आहार को अपना कर आप हर प्रकार की बीमारियों को दूर करने के साथ ही हार्ट अटैक से भी बच सकते हैं। आइए जाने हृदय मजबूत करने के लिए योग कौन से हैं।

हार्ट अटैक के लिए योग – heart ke liye yoga

योग हमारे शरीर को स्‍वस्‍थ रखने का सबसे अच्‍छा तरीका है। नियमित रूप से योग करना आपके हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बेहतर बनाने में सहायक होता है। योगासनों में कुछ विशेष योग या आसन होते हैं जो मुख्‍य रूप से आपके हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा देने में सहायक होते हैं। जिससे आप हार्ट अटैक जैसी संभावनाओं से बच सकते हैं।

हार्ट अटैक से बचने के लिए योग तडासना – heart attack se bachne ke liye yoga Tadasana

हार्ट अटैक से बचने के लिए सबसे प्रभावी योग के रूप में तड़ासना योग को माना जाता है। जानकारों का मानना है कि नियमित रूप से तड़ासना योग को करने से रक्‍त वाहिकाओं के स्‍वास्‍थ्‍य को बेहतर बनाया जा सकता है। जिससे हृदय और पूरे शरीर में स्‍वस्‍थ रक्‍त परिसंचरण होता है। यदि आप भी हृदय रोग या हार्ट अटैक से बचना चाहते हैं तो नियमित रूप से तड़ासना योग कर सकते हैं।

तड़ासन योग से हार्ट अटैक रोकने की विधि –

यदि आप हृदय रोगी हैं तो नियमित रूप से तड़ासना योग करें। इसके लिए पहले आप फर्श पर सीधे खड़े हो जाएं और अपने दोनों पैरों की एडियों को आपस में मिलाएं। इसके बाद आप अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं और छाती के सामने प्रार्थना की मुद्रा बनाएं। इस दौरान गहरी सांस लें इस स्थिति को अंजलि मुद्रा के नाम से भी जाना जाता है।

हार्ट अटैक के लिए योग वृक्षासन – Vrikshasana yoga for heart Patients in Hindi

वृक्षासना योग (Tree Pose) आपके हृदय को स्‍वस्‍थ रखने और हार्ट अटैक जैसी संभावनाओं को दूर करने मे सहायक होता है। हृदय के लिए योग की यह विधि पूरे शरीर में रक्‍त परिसंचरण को उत्‍तेजित करती है। जिससे हृदय की कार्य क्षमता में वृद्धि होती है।

दिल मजबूत बनाने के लिए योग करने की विधि –

वृक्षासन योग करने के लिए आप सबसे पहले फर्श पर सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद अपने दोनों हाथों को जोड कर नमस्‍कार की मुद्रा बनाएं। इसके बाद हाथों को जोड़े हुए ऊपर की तरफ उठाएं। इतना करने के बाद आप अपने बांए पैर को घुटने से मोड़ते हुए अपने दाएं पैर की जांघों में रखें। इस मुद्रा में कम से कम 10 सेकंड रूकें और फिर अपनी पूर्व अवस्था में आ जाएं। यही प्रक्रिया आप अपने दूसरे पैर के साथ भी दोहराएं। वृक्षासन योग या ट्री पोज आपके हृदय को हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्‍या से बचा सकता है।

हृदय के लिए योग वीर भद्रासन – heart attack yoga

वीरभद्रासन योग नाम से ही साहसिक योग समझ में आता है। यह हार्ट अटैक के लक्षणों को कम करने का सबसे अच्‍छा योग माना जाता है। वीरभद्रासन योग (Warrior Pose) हार्ट पेशेंट्स के लिए सबसे बेस्‍ट योगा है। क्‍योंकि यह हृदय गति और कार्य क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। यदि आप हार्ट पेशेंट हैं तो अपने दैनिक दिनचर्या में वीरभद्रासन योग को शामिल कर लाभ ले सकते हैं।

हृदय रोग से मुक्ति के लिए योग करने की विधि –

वीरभद्रासन (Virabhadrasana) योग करने के लिए पहले आप योगा मैट में सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद हाथ को जोड़ते हुए सीधा ऊपर करें। फिर अपने दाएं पैर को लगभग 2 से 3 फीट की दूरी में आगे बढ़ाएं। इस मुद्रा में आपके दाएं पैर का घुटना कुछ मुड़ा हुआ होना चाहिए। जबकि आपका बायां पैर सीधा हो। इस स्थिति में आपके शरीर में उचित तनाव होता है। जिससे रक्‍त परिसंचरण, बॉडी स्‍टेमिना और सहनशक्ति को बढ़ावा मिलता है। हार्ट अटैक पेशेंट्स के लिए योग के रूप में वीरभद्रासना योग को नियमित रूप से किया जा सकता है।

दिल मजबूत बनाने के लिए योग उत्‍कटासना – best yoga for heart blockage Utkatasana in Hindi

उत्‍कटासना योग हार्ट अटैक या हार्ट ब्‍लाकेज के लक्षणों को कम करने का सबसे आसान तरीका है। उत्‍कटासन योग को बहुत से लोग चेयर पोज (Chair pose) के नाम से भी जानते हैं। नियमित रूप से इस योग को करने से आप अपने हृदय स्‍वास्‍थ्‍य और श्वसन तंत्र को मजबूत कर सकते हैं।

हार्ट ब्‍लॉकेज के लिए योगा करने की विधि –

जैसा कि हम जानते हैं कि उत्‍कटासना (Utkatasana) योग देखने में कुर्सी या चेयर की तरह दिखाई देता है। इसलिए इस योग को करने के लिए आप सबसे पहले फर्श पर आराम से खड़े हो जाएं। इसके बाद आप अपने दोनों हाथों को जोड़ते हुए सिर के ऊपर ले जाएं। इस दौरान आपके दोनों पैरों में बीच 4 से 5 इंच का अंतर होना चाहिए। अब आप अपने पैर के दोनों घुटनों को थोड़ा मोड़ते हुए कुर्सी की आकृति बनाने का प्रयास करें। इस योग को करने से आपके शरीर में रक्‍त परिसंचरण को बढ़ावा मिलता है। जो कि आपके हृदय की कार्य क्षमता बढ़ाने और हार्ट अटैक से बचाने में सहायक है।

हृदय के लिए योग भुजंगासन – yoga for heart blockage in Hindi

भुजंगासन योग भी आपके हृदय को स्‍वस्‍थ रखने का बेहतर तरीका हो सकता है। यह योग न केवल आपके शारीरिक बल्कि मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए भी अच्‍छा होता है। नियमित रूप से भुजंगासन योग करने के फायदे आपके हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं।

हृदय रोगी के लिए योग करने की विधि –

भुजंगासन योग करना बहुत ही आसान है। भुजंगासन योग को कोबरा पोज (cobra pose) कहा जाता है। इस योग को करने के लिए आप फर्श पर अपने पेट के बल लेट जाएं। इस स्थिति में आप अपने चेहरे की ठुड्डी को फर्श पर स्‍पर्श कराएं। आप अपने दोनों हाथों को कंधे के समानतर फर्श पर रखें। इसके बाद आप गहरी सांस लें और अपनी हथेलियों को बल देते हुए सिर को ऊपर उठाएं। इस दौरान आपका धड़ ऊपर हवा की ओर होना चाहिए। यह स्थिति किसी सांप के समान दिखाई देती है। इस स्थिति में गहरी सांस लेते हुए अपने शरीर को उठाएं और सांस छोड़ते हुए सामान्‍य अवस्‍था में वापिस आएं। यह भुजंगासन योग आपको हार्ट अटैक के लिए सबसे अच्‍छा योग हो सकता है।

हार्ट के लिए प्राणयाम गहरी सांस लेना – pranayam for heart in Hindi

आप अपने हृदय को स्‍वस्‍थ रखने के लिए योग के साथ प्राणायाम भी कर सकते हैं। गहरी सांस लेना आपको हार्ट अटैक से बचा सकता है। हालांकि यह प्राणायाम नियमित रूप से प्रतिदिन करने पर ही लाभ प्राप्‍त होता है। इसके लिए आप 2 : 1 में सांस लें और सांस छोड़ें। इसका मतजब है कि आप 1 बार गहरी सांस लें और इसे छोड़ने के लिए दो गुना समय लें। ऐसा करने से आपको उच्‍च रक्‍तचाप के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही गहरी सांस लेने से आपके तंत्रिका तंत्र को शांत करने में मदद मिलती है। जिससे हृदय स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा मिलता है। हार्ट अटैक से बचने के लिए प्राणायाम करते समय केवल नाक से ही श्वांस लें और नाक से श्वांस छोड़ें। गहरी सांस प्राणायाम हृदय आघात को कम करने में सहायक होता है।

हृदय रोग के लिए प्राणायाम अनुलोम-विलोम – heart attack ke liye pranayama

अनुलोम-विलोम प्राणायाम श्वसन और हृदय संबंधी समस्‍याओं को दूर करने का सबसे अच्‍छा तरीका है। यह प्राणायाम न केवल आपके शारीरिक बल्कि मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को बेहतर बनाता है। इस प्राणायाम को करने के लिए आप योगा मैट पर सुखासन मुद्रा में बैठ जाएं। इसके बाद गहरी सांस लें और अपने दाएं हाथ की उंगलियों से बाएं नथुने के बंद करें और बाएं नथुने से सांस छोड़ें। इसके बाद बाएं नथुने से सांस लें और दाएं नथुने से सांस छोड़ें। ऐसा करने से आपके श्वसन मार्ग को साफ करने और इसे स्‍वस्‍थ रखने में मदद‍ मिलती है। जिससे यह आपके हृदय को अटैक जैसी समस्‍याओं से बचा सकता है।

सुखासन योग फॉर हार्ट पेशेंट्स इन हिंदी – yoga for heart patients in Hindi

सुखासन योग से लगभग सभी लोग अच्‍छी तरह परिचित होगें। सुखासन योग को Easy Pose के नाम से भी जाना जाता है। आप यह जानकर हैरान न हों कि सुखासन योग हार्ट अटैक के लक्षणों को कम कर सकता है। यह योग हृदय संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में प्रभावी होता है। इस योग को करने के लिए आप साधारण रूप से बैठकी मुद्रा का अभ्‍यास करें। इसके लिए आप अपने दाएं पैर को बाएं पैर की जांघों के बीच फंसाएं। इसी तरह से आप अपने बांए पैर को अपने दाएं पैर की जांघों में फंसाते हुए फर्श पर बैठ जाएं। इस स्थिति में आपकी पीठी सीधी होनी चाहिए और आपके दोनों हाथ आपके घुटनों में रखने होने चाहिए।

बाबा रामदेव योग फॉर हार्ट प्रॉब्‍लम – heart problem yoga Mountain Pose in Hindi

धनुरासन योग आपकी हृदय समस्‍याओं को दूर करने का बेहतरीन तरीका है। इस योग को बहुत से वो पोज (Bow Pose) के नाम से भी जानते हैं। नियमित रूप से इस योग को करने से मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा यह शरीर में स्‍वस्‍थ रक्‍त परिसंचरण के लिए भी अच्‍छा माना जाता है। यदि आप हार्ट अटैक से बचना चाहते हैं तो अपने दैनिक दिनचर्या में तड़ासन योग को शामिल करें।

धनुरासन योग को करने के लिए आप योगा मैट के ऊपर पेट के बल लेट जाएं। इसके बाद अपने दोनों पैरों को घुटने से मोड़ते हुए ऊपर की ओर उठाएं। फिर अपने हाथों को पीछे ले जाएं और अपने दोनों पैरों को अच्‍छी तरह से पकड़ें। इस स्थिति में आपका सिर या धड़ हवा में होना चाहिए। इस स्थिति में आपको 2 से 3 मिनिट तक धनुष की तरह बने रहें। ऐसा करने से आपके पैर मजबूत होते हैं। इसके अलावा यह रक्‍त परिसंचरण को भी आसान बनाता है। जिसके कारण आप हार्ट अटैक और हृदय संबंधी अन्‍य समस्‍याओं से बच सकते हैं। अपनी विशेष स्थिति के कारण ही इस योग को धनुरासन  (Dhanurasana Pose) भी कहते हैं।

हृदय रोगी के लिए योग उत्‍तनासना योग – hirday rogi ke liye yoga

हृदय को सही करने का योग उत्‍तानासना (Uttanasana) है। उत्‍तानासना योग हृदय की कार्य क्षमता को बढ़ाने और हृदय को स्‍वस्‍थ रखने में सहायक होता है। बहुत से लोग इस योग को स्‍टेंड फावर्ड बेंड (Standing Forward Bend) के नाम से भी जानते हैं। यदि आप दिल के मरीज हैं तो हृदय रोग से मुक्ति के लिए इस योग को अपना सकते हैं।

हृदय रोग के लिए योग करने की विधि –

उत्‍तनासना योग करने के लिए आप सबसे पहले योगा मैट पर सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और कुछ देर इस मुद्रा में रहें। इस दौरान आपके पैर के पंजे आपस में जुड़े होने चाहिए। फिर आप धीरे-धीरे नीचे झुकें। इस दौरान ध्‍यान रखें कि आपके पैर या घुटने बिल्‍कुल भी न मुड़ें। इस तरह आप अपने हाथों से अपने पैर के पंजों को छूने का प्रयास करें।

हृदय रोग से मुक्ति का योग पादंगुष्ठासन – Hirday rog se mukti ka yoga padangusthasana in Hindi

पादंगुष्‍ठासन योग तनाव दूर करने और शरीर के तापमान को कम होने से रोकने में प्रभावी होता है। यह योग माउंटेन पोज से मिलता जुलता है। इस योग को करने के दौरान आपको गहरी सांस लेना और छोड़ना पड़ता है। पादंगुष्‍ठासन योग करने से शरीर की लगभग सभी मांसपेशियों में खिंचाव होता है। जिससे रक्‍त परिसंचरण को बढ़ावा मिलता है।

हृदय रोग के लिए योग करने की विधि –

इस योग को करने के लिए आप ताड़ासन या पर्वतासन योग मुद्रा में जाएं। इसके बाद आप अपने हाथों से अपने पैर की बड़ी उुंगली या अंगूठे को पकड़े। इस स्थिति में आपके पैर सीधे होने चाहिए। यह योग आपके कूल्‍हों और पूरे शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव लाता है।

हृदय रोगी के लिए योग अधोमुख शवासन – hirday rogi ke liye yoga Adho Mukha Svanasana

अधोमुख शवासन योग हृदय की कार्य क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। यही कारण है कि हृदय रोगी के लिए अधोमुख शवासन (Downward Dog) योग बहुत ही प्रभावी होता है। इस योग को करने से रक्‍त वाहिकाओं को स्‍वस्‍थ रखने और उचित रक्‍त परिसंचरण को बनाए रखने में सहायता मिलती है।

दिल के लिए योग करने की विधि –

अधोमुख शवासन (Adho Mukha Svanasana) योग करने के लिए आप सबसे पहले योगा मैट में पेट के बल लेट जाएं। फिर अपने हाथों को कंधे के समानांतर सामने फैलाएं और हथेली को फर्श पर रखें। इसके बाद अपने दोनों पैरों को कुछ दूरी में फैलांए। इसके बाद आप अपने पैर के पंजों को जमीन पर रखें और अपने हाथ की हथेलियों पर वल देते हुए ऊपर उठने का प्रयास करें। ऐसी स्थिति में आपके कूल्‍हे किसी पर्वत की तरह ऊपर उठे होने चाहिए।

हृदय को सही करने का योग जानुशीर्षासन – hirday ko sahi karne ka yoga Janu Sirsansana in Hindi

जानुशीर्षासन (Janu Sirsansana) योग दिल के मरीजों के लिए बहुत ही अच्‍छा योग माना जाता है। बहुत से लोग इस योग को हेड-टू-कीन फॉरवर्ड योग के नाम से भी जानते हैं। इस योग को करने से कूल्‍हें और छाती की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिलती है। जिससे हृदय को स्‍वस्‍थ रखने और हार्ट अटैक से बचने में मदद मिलती है।

दिल को मजबूत बनाने के लिए योग करने की विधि –

हेड-टू-कीन फॉरवर्ड (HEAD-TO-KNEE FORWARD BEND) योग करने के लिए आप योगा मैट में सामने की ओर पैर फैलाकर बैठ जाएं। इस स्थिति में आपके पैर सीधे और आपस में सटे होना चाहिए। अब आप गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए अपने धड़ को झुकाएं। इस दौरान आपको अपने चेहरे की ठुड्डी को घुटनों में स्‍पर्श कराना चाहिए। साथ ही अपने हाथों से पैर के पंजे को अच्‍छी तरह से पकड़ने का प्रयास करना चाहिए।

दिल के लिए योग सेतु बंधासन – Dil ke liye yoga setu bandhasana in Hindi

हार्ट अटैक और हृदय रोग के लक्षणों को कम करने के लिए योग में सेतु बंधासन (setu bandhasana) योग किया जा सकता है। इस योग को करने से सांस लेने की गति को सुधारा जा सकता है। साथ ही यह रीड़ की हड्डी, कमर और चेस्‍ट को भी मजबूत करने में सहायक है। बहुत से लोग सेतु बंधासन योग को ब्रिज पोज के नाम से भी जानते हैं।

दिल को मजबूत बनाने के लिए योग करने की विधि –

ब्रिज पोज को करने के लिए आप योगा मैट में पीठ के बल लेट जाएं। इसके बाद आप अपने पैरों को ऊपर उठाते हुए पंजों को फर्श पर अच्‍छी तरह से जमाएं। इसके बाद आप अपने सिर और कंधें को फर्श पर वल लगाते हुए कमर और चेस्‍ट के हिस्‍से को ऊपर उठाएं। ऐसा करने पर आपके पूरे शरीर में रक्‍त परिसंचरण को बढ़ावा मिलता है। जो आपके हृदय की कार्य क्षमता को बढ़ाता है।

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